स्वप्नदोष क्या है। स्वप्नदोष से अब मुक्ति संभव।
किसी भी पुरूष को सोते समय अपने आप वीर्यपात होना स्वप्नदोष कहलाता है। यह एक स्वभाविक दैहिक क्रिया है। स्वप्नदोष के दौरान पुरूषों को कामोद्दीपक सपने आ सकते हैं या यह स्तंभन के बिना भी हो सकता है। अगर अधिक स्वप्नदोष हो तो इसका उपाय जरूर करें क्योंकि अति किसी भी चीज की बुरी होती है और इससे निश्चित रूप से कमजोरी आती है। इसके ज्यादा होने से वीर्य की या शुक्र की हानि होती है और व्यक्ति को शारीरिक कमजोरी का अहसास होता है। क्योंकि यह शुक्र भी रक्त कणों से पैदा होता है। अतः अत्यधिक शुक्र क्षय व्यक्ति को कमजोर कर देता है। पूर्ण रूप से स्वस्थ और सामान्य पुरूष इसका अनुभव नहीं कर पाते। अगर आपको इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह लाईलाज नहीं है। आयुर्वेद में इसका उपचार मौजूद है और आप भी किसी अच्छे चिकित्सक से परामर्श लेकर अपनी इस समस्या का समाधान कर सकते हैं। पानीपत में अमन क्लीनीक पर आयुर्वेद के विशेषज्ञ मौजूद हैं। आप यहां आकर परामर्श कर सकते हैं। यहां आपकी हर रिपोर्ट को गापनीय रखा जाता है।